
अमृतपाल बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
बहराइच। उत्तर प्रदेश के कतरनियाघाट वन्यजीव प्रभाग में सोमवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब बिछिया-मिहीपुरवा मार्ग पर चफ़रिया चौक के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। इस घटना के बाद मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घने जंगल के बीच रात में फंसे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना रात करीब 9 बजे हुई। बिछिया और निशानगाड़ा के बीच स्थित चफ़रिया चौक के पास पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ इतना बड़ा था कि उसकी मोटी शाखाओं ने पूरी सड़क को ढक लिया। स्थिति ऐसी हो गई कि केवल बाइक जैसे छोटे दोपहिया वाहन ही किसी तरह निकल पा रहे थे, जबकि कार, बस और अन्य चारपहिया वाहन पूरी तरह फंस गए।
जंगल के बीच फंसे राहगीरों में बढ़ी चिंता
घटना जिस स्थान पर हुई, वह कतरनियाघाट के घने वन क्षेत्र का हिस्सा है। यह इलाका वन्यजीवों, विशेषकर बाघ और अन्य जंगली जानवरों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है। ऐसे में रात के समय जंगल के बीच घंटों तक फंसे रहने से यात्रियों में भय का माहौल बन गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोग लंबे समय तक वाहनों में इंतजार करने को मजबूर रहे।
वाहन चालकों का कहना है कि मार्ग बंद होने के कारण न तो आगे बढ़ने का रास्ता था और न ही पीछे लौटना संभव था। अंधेरा बढ़ने के साथ लोगों की चिंता भी बढ़ती गई।
वन विभाग के रवैये पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलने पर निशानगाड़ा रेंज के वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बावजूद तत्काल राहत कार्य शुरू नहीं कराया गया। लोगों का कहना है कि उन्हें बताया गया कि पेड़ हटाने की कार्रवाई सुबह की जाएगी, जिसके बाद अधिकारी वहां से लौट गए।
इस रवैये से फंसे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि जंगल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में रात के समय मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए थी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क से पेड़ हटाकर यातायात बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना या वन्यजीवों से जुड़े खतरे की आशंका बढ़ सकती है।
फिलहाल, मार्ग अवरुद्ध होने से आवागमन प्रभावित है और लोग प्रशासन की ओर से राहत एवं सड़क को जल्द से जल्द साफ कराने का इंतजार कर रहे हैं।
