
कमलेश कुमार बहराइच
रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़
मिहींपुरवा, बहराइच। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने एक बार फिर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। संगठन के किसान महासचिव मलकीत सिंह, गुरवंत सिंह और गुरप्रताप सिंह के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मिहींपुरवा तहसील पहुंचकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी और बजाज चीनी मिल द्वारा लंबे समय से लंबित गन्ना भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
खाद की कालाबाजारी पर जताई नाराज़गी
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। कई स्थानों पर खाद की कृत्रिम कमी पैदा कर अधिक कीमत वसूली जा रही है। उनका कहना है कि इस स्थिति से छोटे और सीमांत किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
यूनियन ने प्रशासन से मांग की कि खाद की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए, अनियमितता करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा किसानों को सरकारी दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
गन्ना भुगतान में देरी से बढ़ी किसानों की परेशानी
ज्ञापन में बजाज चीनी मिल पर किसानों का करीब एक वर्ष पुराना गन्ना मूल्य बकाया होने का मुद्दा भी उठाया गया। किसान नेताओं का कहना है कि भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण किसानों को खेती के लिए बीज, खाद, सिंचाई और अन्य जरूरी कार्यों में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही परिवार के दैनिक खर्च और बच्चों की शिक्षा जैसी आवश्यकताओं को पूरा करना भी चुनौती बन गया है।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने उपजिलाधिकारी से मांग की कि दोनों मामलों में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि यदि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन की होगी।
किसानों ने एकजुटता का दिया संदेश
ज्ञापन सौंपने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसान अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और अब किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने सभी किसानों से एकजुट रहने और अपने वैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
निष्कर्ष
खाद की उपलब्धता और गन्ना भुगतान जैसे मुद्दे किसानों की आजीविका से सीधे जुड़े हुए हैं। समय पर खाद उपलब्ध कराना और गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करना न केवल किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ठोस कदम उठाएगा।
