
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू कर दी है। यह नीति 1 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले नागरिकों को कई बड़े लाभ दिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह नीति आने वाले वर्षों में दिल्ली को अधिक स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को बड़ी राहत
नई EV पॉलिसी के अनुसार 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस माफ कर दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक कार खरीदना पहले की तुलना में काफी सस्ता और आकर्षक विकल्प बन जाएगा। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पेट्रोल-डीजल वाहनों से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर प्रेरित करना है।
दोपहिया, तिपहिया और N1 ट्रकों को मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने केवल कारों तक ही सीमित नहीं रहते हुए इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और N1 श्रेणी के इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद पर भी विशेष प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। यह कदम सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों में भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देगा।
पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर मिलेगा लाभ
नई नीति के तहत पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपेज इंसेंटिव की व्यवस्था की गई है। इससे लोग पुराने वाहनों को हटाकर नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
दिल्ली में बनेंगे 30,000 से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट
इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को आसान बनाने के लिए सरकार ने 30,000 से अधिक EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी सुविधा मिलेगी।
DBT के जरिए सीधे खाते में मिलेगा लाभ
नई EV पॉलिसी के तहत सभी प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
2028 से केवल नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण
सरकार ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए घोषणा की है कि 1 अप्रैल 2028 से केवल नए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। यह फैसला राजधानी में प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्वच्छ और हरित दिल्ली की ओर बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि नई EV पॉलिसी केवल वाहन खरीदने की योजना नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक व्यापक अभियान है। टैक्स में छूट, आर्थिक प्रोत्साहन, चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार और पारदर्शी DBT व्यवस्था जैसी पहलें दिल्ली को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का अग्रणी शहर बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण, हरित परिवहन और आधुनिक शहरी विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक मिसाल बन सकती है।
