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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तर मैसेडोनिया दौरा: भारत के वैश्विक संबंधों को मिली नई मजबूती

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई 2026 को अपने तीन देशों—मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया—के राजकीय दौरे के दूसरे चरण में उत्तर मैसेडोनिया की राजधानी स्कोप्जे पहुंचकर भारत की कूटनीतिक सक्रियता को नई दिशा दी है। यह दौरा भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

🌍 स्कोप्जे में हुआ गरिमामय स्वागत

स्कोप्जे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत उत्तर मैसेडोनिया के विदेश एवं विदेश व्यापार मंत्री टिम्चो मुकुन्स्की ने किया। पारंपरिक सम्मान और गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक बना।

🤝 राष्ट्रपति गोरडाना सिलियानोव्स्का-दावकोवा से हुई महत्वपूर्ण मुलाकात

अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति डॉ. गोरडाना सिलियानोव्स्का-दावकोवा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं आयोजित की गईं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

📌 किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने कई प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें शामिल हैं—

🌐 भारत की वैश्विक कूटनीति को मिलेगा नया आयाम

राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा भारत की “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना और बहुपक्षीय सहयोग की नीति को दर्शाता है। भारत लगातार यूरोप के देशों के साथ अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयास कर रहा है। उत्तर मैसेडोनिया के साथ बढ़ता सहयोग आने वाले समय में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और निवेश के क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।

📈 दोनों देशों के लिए क्यों है यह दौरा महत्वपूर्ण?

✨ निष्कर्ष

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उत्तर मैसेडोनिया दौरा भारत की सक्रिय और दूरदर्शी विदेश नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। दोनों देशों के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता केवल औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि भविष्य के मजबूत और बहुआयामी सहयोग की नींव है। यह यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी सशक्त उपस्थिति को भी रेखांकित करती है।

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