Site icon हिट एंड हॉट न्यूज़

लंदन संपत्ति मामला: दिल्ली कोर्ट में ईडी का दावा, 25 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में लंदन स्थित एक संपत्ति से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कारोबारी के संबंध में महत्वपूर्ण दावे पेश किए। एजेंसी का कहना है कि भले ही संपत्ति का कानूनी स्वामित्व समय-समय पर अलग-अलग कंपनियों के नाम पर रहा हो, लेकिन उसका वास्तविक और लाभकारी नियंत्रण वाड्रा के पास ही बना रहा। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई 2026 के लिए निर्धारित की है।

ईडी ने क्या कहा?

ईडी के अनुसार, जांच के दौरान एकत्र किए गए ईमेल, वित्तीय दस्तावेज़ और अन्य रिकॉर्ड यह दर्शाते हैं कि लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित मकान से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में अंतिम अधिकार कथित रूप से रॉबर्ट वाड्रा के पास था। एजेंसी का दावा है कि संपत्ति के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण से जुड़े प्रस्ताव सीधे उन्हें भेजे जाते थे और उनकी सहमति के बाद ही कोई बदलाव किया जाता था।

स्वामित्व और नियंत्रण पर सवाल

जांच एजेंसी का आरोप है कि संपत्ति का स्वामित्व विभिन्न कंपनियों के माध्यम से बदला गया, लेकिन इससे वास्तविक नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं आया। ईडी का कहना है कि लाभकारी स्वामित्व छिपाने के उद्देश्य से इस प्रकार की कॉर्पोरेट संरचना का उपयोग किया गया।

कानूनी पहलू

यह मामला और ब्लैक मनी से संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। नवंबर 2025 में ईडी ने अपनी दूसरी पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल करते हुए रॉबर्ट वाड्रा को औपचारिक रूप से आरोपी बनाया था। जांच का संबंध यूके-आधारित कथित रक्षा सलाहकार से जुड़े मामले से भी बताया जा रहा है।

ईडी के प्रमुख आरोप

एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि उपलब्ध ईमेल रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि संपत्ति में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव के लिए भी कथित रूप से वाड्रा की मंजूरी आवश्यक मानी जाती थी। इसके अलावा ईडी का आरोप है कि नवीनीकरण का खर्च और कुछ कर संबंधी भुगतान उनके सहयोगियों के माध्यम से किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह पूरी व्यवस्था कथित रूप से धन के वास्तविक स्रोत और उपयोग को छिपाने के उद्देश्य से बनाई गई थी।

अदालत की अगली कार्रवाई

ईडी की दलीलें सुनने के बाद राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई 2026 तय की है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को वर्ष 2019 में जमानत मिल चुकी थी।

निष्कर्ष

यह मामला देश के चर्चित कानूनी मामलों में शामिल है और इसमें लगाए गए आरोप मनी लॉन्ड्रिंग तथा कथित ब्लैक मनी से जुड़े हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ईडी द्वारा लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं और अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है। आगामी सुनवाई में दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Exit mobile version