
जम्मू-कश्मीर: वीरों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाता। देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले हर शहीद का नाम इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज रहता है। इसी कड़ी में 29 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वर्ष 2000 में ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) बाग हुसैन को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर शहीद बाग हुसैन के अदम्य साहस और देशभक्ति को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पुलिस परिवार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अमर योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया।
💐 कर्तव्य निभाते हुए दी थी सर्वोच्च कुर्बानी
वर्ष 2000 में पुंछ जिले के निवासी SPO बाग हुसैन ने आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका यह सर्वोच्च बलिदान आज भी साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की मिसाल माना जाता है।
🛡️ शहीदों का सम्मान, देश का गौरव
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संदेश में कहा कि शहीदों की कुर्बानी कभी व्यर्थ नहीं जाती। उनका साहस पुलिस बल के प्रत्येक जवान को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है। ऐसे वीर सपूतों की यादें हमेशा देशवासियों के दिलों में जीवित रहेंगी।
🇮🇳 देशभक्ति का अमर संदेश
शहीद बाग हुसैन का जीवन हमें यह सिखाता है कि देश की रक्षा और जनता की सुरक्षा सबसे बड़ा धर्म है। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता रहेगा।
देश ऐसे वीर सपूतों को हमेशा नमन करता रहेगा। उनकी अमर गाथा हर भारतीय के दिल में सदैव जीवित रहेगी। 🙏🇮🇳
