
भारत में प्राकृतिक खेती और पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन (NSC) ने किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए ‘पूसा नारंगी’ गेंदा के बीज उपलब्ध कराए हैं। यह विशेष किस्म न केवल अपनी आकर्षक नारंगी रंग की सुगंधित फूलों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि खेतों में हानिकारक कीटों और मच्छरों को दूर रखने में भी सहायक मानी जाती है।
🌿 प्राकृतिक सुरक्षा का प्रभावी विकल्प
गेंदा का पौधा लंबे समय से प्राकृतिक खेती में उपयोग किया जाता रहा है। इसकी तेज़ सुगंध कई प्रकार के कीटों को फसलों से दूर रखने में मदद करती है। इसलिए इसे सब्जियों, फलों और अन्य फसलों के आसपास लगाने की सलाह दी जाती है, जिससे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम हो सकती है।
🌼 पूसा नारंगी गेंदा की प्रमुख विशेषताएँ
- आकर्षक नारंगी रंग के बड़े और घने फूल।
- तेज़ सुगंध, जो कीटों और मच्छरों को दूर रखने में सहायक।
- खेतों, बगीचों और घर-आँगन की सुंदरता बढ़ाने के लिए उपयुक्त।
- प्राकृतिक खेती और मिश्रित फसल प्रणाली के लिए लाभकारी।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन और सजावटी उपयोग।
🌱 किसानों और बागवानी प्रेमियों के लिए लाभ
पूसा नारंगी गेंदा की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम भी बन सकती है। इसके फूलों की मांग पूजा-पाठ, सजावट, समारोहों और फूलों के व्यापार में पूरे वर्ष बनी रहती है। वहीं घरों में इसे लगाने से वातावरण सुगंधित और आकर्षक बनता है।
💰 बीज की उपलब्धता
NSC द्वारा 10 ग्राम पैक में पूसा नारंगी गेंदा के बीज लगभग ₹80 की कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसान और आम नागरिक आसानी से इसे खरीदकर अपने खेत या बगीचे में लगा सकते हैं।
🌾 निष्कर्ष
यदि आप प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहते हैं और बिना अधिक रासायनिक दवाओं के फसल की सुरक्षा करना चाहते हैं, तो पूसा नारंगी गेंदा एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। यह पौधा न केवल खेतों की रक्षा करता है, बल्कि अपनी मनमोहक खुशबू और रंग-बिरंगे फूलों से घर-आँगन और बगीचों की सुंदरता में भी चार चाँद लगा देता है। प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों के बीच यह पहल किसानों के लिए लाभदायक और पर्यावरण के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।
