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🎓 ILBS के 10वें दीक्षांत समारोह में स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा, जे.पी. नड्डा ने युवाओं को दिया राष्ट्रसेवा का संदेश

नई दिल्ली से बड़ी खबर

देश के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) के 10वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन नई दिल्ली के एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम, वसंत कुंज में संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नवस्नातक डॉक्टरों, शोधकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों को संबोधित किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र तेज़ी से आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में नई पीढ़ी के चिकित्सा विशेषज्ञों की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति सेवा, नवाचार और शोध को भी प्राथमिकता देना है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान पर विशेष बल

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। आधुनिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अनुसंधान आधारित उपचार भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में करें।

ILBS की बढ़ती प्रतिष्ठा

इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) देश का एक अग्रणी संस्थान है, जो लिवर एवं पित्त संबंधी रोगों के उपचार, शिक्षा और शोध के लिए जाना जाता है। पिछले वर्षों में संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश

समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा गया कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। नई पीढ़ी के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक सोच के साथ देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।

निष्कर्ष

ILBS का 10वां दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियां प्रदान करने का अवसर नहीं था, बल्कि यह भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक भी बना। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रेरक संदेश ने नवस्नातक विद्यार्थियों में राष्ट्रसेवा, शोध और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया। आने वाले वर्षों में यही युवा विशेषज्ञ भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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