
नई दिल्ली:
भारत का डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की तीसरी मिशन स्टीयरिंग ग्रुप बैठक में मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में नागरिक-केंद्रित, तकनीक आधारित और आपस में जुड़े डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
ABDM की बड़ी उपलब्धियां
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने अब तक कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं:
- 93.95 करोड़ से अधिक ABHA (आभा) नंबर बनाए जा चुके हैं।
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)
- 5.33 लाख स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क से जुड़े हैं।
- 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्रियों में पंजीकृत हैं।
- 2.72 लाख स्वास्थ्य संस्थानों ने ABDM-सक्षम सॉफ्टवेयर को अपनाया है।
- 24 करोड़ के करीब ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ टोकन जारी किए गए हैं, जिससे ओपीडी पंजीकरण पहले से अधिक तेज और आसान हुआ है।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मजबूत डिजिटल स्वास्थ्य ढांचा तैयार हो चुका है। अब अगले चरण में इसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि देश के हर नागरिक को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन केवल स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला है। इसका उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाना है।
निष्कर्ष
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति का प्रतीक बन चुका है। डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग से मरीजों, डॉक्टरों और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है। आने वाले वर्षों में यह मिशन देश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
