
वॉशिंगटन: अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हो चुकी है। नासा का ‘साइकी’ स्पेसक्राफ्ट अपनी लंबी अंतरिक्ष यात्रा में एक अहम पड़ाव पार करते हुए लगभग एक हजार दिनों का सफर पूरा कर चुका है। यह मिशन केवल एक एस्टेरॉयड तक पहुंचने की यात्रा नहीं, बल्कि ग्रहों की उत्पत्ति और हमारे सौरमंडल के शुरुआती इतिहास को समझने का एक अभूतपूर्व प्रयास है।
🛰️ मंगल की गुरुत्वीय मदद से मिली नई रफ्तार
हाल ही में साइकी स्पेसक्राफ्ट ने मंगल ग्रह के बेहद करीब से उड़ान भरते हुए एक महत्वपूर्ण ग्रैविटी असिस्ट (गुरुत्वीय सहायता) प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान अंतरिक्ष यान ने मंगल की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का उपयोग कर अपनी गति और दिशा में बदलाव किया, जिससे उसे अतिरिक्त ईंधन खर्च किए बिना अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ने में मदद मिली। यह फ्लाईबाई मिशन की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। <Cite refs={[“turn0search0″,”turn0search2”]} />
फ्लाईबाई के दौरान स्पेसक्राफ्ट ने मंगल की हजारों तस्वीरें और वैज्ञानिक आंकड़े एकत्र किए, जिनका उपयोग उसके उपकरणों की जांच और अंशांकन के लिए किया जा रहा है। इन तस्वीरों में मंगल का दक्षिणी ध्रुव, विशाल क्रेटर और धूल से प्रभावित वातावरण की झलक भी देखने को मिली है। <Cite refs={[“turn0search8″,”turn0news16”]} />
