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🚨 AI के नाम पर निवेश का जाल! वित्त मंत्री के फर्जी वीडियो से लोगों को ठगने की साजिश, PIB ने जारी की बड़ी चेतावनी

Artificial intelligent

डिजिटल युग में साइबर ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं। अब ठग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके ऐसे फर्जी वीडियो तैयार कर रहे हैं, जिन पर पहली नजर में भरोसा करना आसान हो जाता है। हाल ही में PIB फैक्ट चेक ने एक ऐसे वायरल वीडियो का पर्दाफाश किया है, जिसमें दावा किया गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक निवेश प्लेटफॉर्म का समर्थन कर रही हैं और मात्र 22,000 रुपये के निवेश पर हर महीने 25 लाख रुपये तक कमाने का दावा कर रही हैं।

PIB ने बताया वीडियो पूरी तरह फर्जी

PIB Fact Check ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और फेसबुक विज्ञापनों में वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह नकली है। इसे AI तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण या भारत सरकार ने किसी भी ऐसे निवेश प्लेटफॉर्म या योजना का समर्थन, प्रचार या अनुमति नहीं दी है।

असामान्य मुनाफे का लालच बन रहा ठगी का हथियार

साइबर अपराधी लोगों को तेजी से अमीर बनने का सपना दिखाकर जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। “कम निवेश, बड़ा मुनाफा” जैसे दावे अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई योजना बहुत कम समय में असंभव लाभ देने का वादा करती है, तो उससे सावधान रहना चाहिए।

AI तकनीक से बढ़ी चुनौती

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से किसी भी व्यक्ति की आवाज और चेहरे की हूबहू नकल करना अब पहले से आसान हो गया है। इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर ठग फर्जी वीडियो बनाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए केवल वीडियो देखकर किसी भी दावे पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।

निवेश से पहले रखें ये सावधानियां

निष्कर्ष

PIB Fact Check की यह चेतावनी बताती है कि AI आधारित फर्जी वीडियो अब साइबर ठगी का नया हथियार बन चुके हैं। ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी निवेश संबंधी दावे की सच्चाई की जांच करे और केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करे। थोड़ी-सी सतर्कता आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है। याद रखें—सोच-समझकर क्लिक करें, जांच-पड़ताल के बाद ही निवेश करें।

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