
देशभर के व्यापारियों, होटल, रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 1 जुलाई 2026 से तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कमी कर दी है। इस कटौती के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई खुदरा कीमत ₹2,930 प्रति सिलेंडर हो गई है।
5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर भी हुआ सस्ता
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत में भी ₹13 की कटौती की गई है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में यह सिलेंडर अब ₹808.50 में उपलब्ध होगा। यह बदलाव भी 1 जुलाई से प्रभावी कर दिया गया है।
व्यवसायों को मिलेगा सीधा लाभ
कमर्शियल एलपीजी का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबों, कैटरिंग सेवाओं और छोटे उद्योगों में किया जाता है। गैस की कीमत कम होने से इन व्यवसायों की परिचालन लागत में कमी आएगी। इससे छोटे कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है और कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को भी इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है।
पिछले महीनों में कई बार बदले थे दाम
बीते कुछ महीनों में एलपीजी की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिला था। जून महीने में 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं मार्च और अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव तथा पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे।
जनवरी में भी 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹111 प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई थी। ऐसे में जुलाई की यह कटौती कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई है।
बाजार पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि कमर्शियल गैस की कीमतों में कमी से होटल और फूड इंडस्ट्री की लागत घटेगी। हालांकि उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा या नहीं, यह अलग-अलग व्यवसायों की मूल्य निर्धारण नीति पर निर्भर करेगा। यदि गैस की कीमतें लंबे समय तक नियंत्रित रहती हैं, तो खाद्य पदार्थों और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
निष्कर्ष
19 किलोग्राम कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कमी व्यापारिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण राहत है। बढ़ती लागत से जूझ रहे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों को इससे आर्थिक सहायता मिलेगी। आने वाले समय में यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार स्थिर रहता है, तो एलपीजी की कीमतों में और राहत मिलने की संभावना भी बनी रह सकती है।
