Site icon हिट एंड हॉट न्यूज़

प्राथमिक विद्यालय सोनवारा की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, उपस्थिति, सुरक्षा और रखरखाव को लेकर जांच की मांग

दिनेश द्विवेदी कौशाम्बी

संवाददाता हिट एंड हॉट न्यूज़

कौशांबी। विकासखंड कौशांबी के अंतर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय सोनवारा एक बार फिर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विद्यालय की कार्यप्रणाली, शिक्षकों की उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा रखरखाव से जुड़े कई मुद्दों को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उपस्थिति और विद्यालय से बाहर जाने को लेकर सवाल

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, एक समय विद्यालय में प्रधानाध्यापक मौजूद नहीं थे। इस दौरान सहायक अध्यापक ने बताया कि वे कुछ आवश्यक सामान लेने बाहर गए हैं। वहीं, उसी समय विद्यालय परिसर में हैंडपंप खुल रहा था।

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि यदि मरम्मत कार्य कर रहे मिस्त्री ने किसी अतिरिक्त सामग्री की तत्काल आवश्यकता नहीं बताई थी, तो प्रधानाध्यापक के विद्यालय से बाहर जाने का कारण क्या था। लोगों का कहना है कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उपस्थिति पंजिका को लेकर भी उठे प्रश्न

इस मामले के साथ एक अन्य प्रश्न भी सामने आया है कि विद्यालय से बाहर जाने से पहले क्या उपस्थिति रजिस्टर में नियमानुसार हस्ताक्षर किए गए थे या नहीं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जांच होती है तो इस तथ्य की भी आधिकारिक रूप से पुष्टि की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

https://hi.hitandhotnews.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260710-WA00102-6.mp4

जर्जर चारदीवारी से सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

विद्यालय परिसर की चारदीवारी लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे विद्यालय की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

लोगों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग यह स्पष्ट करे कि चारदीवारी की खराब स्थिति की सूचना समय पर उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी या नहीं। यदि सूचना भेजी गई थी, तो उसके बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए।

रखरखाव के खर्च पर पारदर्शिता की मांग

विद्यालय से जुड़े एक शिक्षक का यह भी कहना बताया जा रहा है कि हैंडपंप की मरम्मत और कुछ विद्युत संबंधी कार्यों का खर्च निजी स्तर पर वहन किया जा रहा है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह प्रश्न भी उठता है कि विद्यालयों के रखरखाव के लिए उपलब्ध सरकारी संसाधनों और बजट का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है।

ग्रामीणों का मानना है कि विद्यालयों में खर्च से संबंधित सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे।

https://hi.hitandhotnews.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260710-WA00091-6.mp4

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा

स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी कौशांबी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, नियमों की अनदेखी या प्रशासनिक त्रुटि सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही विद्यालय की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान भी सुनिश्चित किया जाए।

निष्कर्ष

प्राथमिक विद्यालय सोनवारा से जुड़ा यह मामला केवल एक विद्यालय की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है। हालांकि, इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप, दावे और चर्चाएं स्थानीय लोगों एवं संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि केवल सक्षम प्रशासन द्वारा की जाने वाली आधिकारिक जांच के बाद ही संभव होगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

https://hi.hitandhotnews.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260710-WA00103-2.mp4
Exit mobile version