
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि कुछ शरारती तत्व Bluetooth आधारित BAT-BMS (Battery Management System) ऐप्स का गलत इस्तेमाल कर चलते हुए ई-रिक्शा को बीच रास्ते में बंद करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, बल्कि ई-रिक्शा चालकों की आजीविका पर भी सीधा असर डाल सकती हैं।
पुलिस के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा बैटरियों में मौजूद ब्लूटूथ सुविधा का दुरुपयोग कर असामाजिक तत्व बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ने का प्रयास करते हैं। यदि वे इसमें सफल हो जाएं, तो वाहन अचानक बंद हो सकता है। इससे सड़क दुर्घटना, ट्रैफिक बाधित होने और यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
दिल्ली पुलिस ने जारी की महत्वपूर्ण सलाह
इस खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी ई-रिक्शा चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि चालक किसी भी अनजान ब्लूटूथ डिवाइस या मोबाइल ऐप से अपने वाहन को कनेक्ट न करें। साथ ही अपने मोबाइल और बैटरी सिस्टम की सुरक्षा सेटिंग्स को मजबूत रखें, ताकि कोई अनधिकृत व्यक्ति सिस्टम तक पहुंच न बना सके।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि यदि किसी चालक को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई व्यक्ति बैटरी सिस्टम से छेड़छाड़ करने का प्रयास करता नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। समय पर दी गई जानकारी ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सरकार और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे ऐप्स और साइबर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। संबंधित एजेंसियां इनका दुरुपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि लोगों की सुरक्षा और रोजगार को खतरे में डालने के लिए।
चालकों से सतर्क रहने की अपील
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी हो गई है। ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन के सॉफ्टवेयर, बैटरी और मोबाइल ऐप्स का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए। छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
दिल्ली पुलिस ने सभी ई-रिक्शा चालकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें और अपनी सुरक्षा के साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
