
भारत और मॉरीशस के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को हाल ही में एक और नई ऊर्जा मिली, जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस तरकश मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुई के दौरे पर पहुँचा। अपनी निर्धारित यात्रा पूरी करने के बाद जहाज़ वापस रवाना हो गया, लेकिन इस दौरान हुए विभिन्न कार्यक्रमों ने दोनों देशों के सामरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाया।
समुद्री सुरक्षा सहयोग को मिला बढ़ावा
आईएनएस तरकश के दौरे के दौरान जहाज़ के अधिकारियों और नाविकों ने मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। इन प्रशिक्षण सत्रों का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा से जुड़े कौशलों को मजबूत करना और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समन्वय तथा परिचालन क्षमता को बढ़ाना था। हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के लिए इस प्रकार का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है।
खेल के मैदान में दिखी दोस्ती की भावना
सैन्य सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के जवानों ने खेल गतिविधियों के माध्यम से भी आपसी सौहार्द को बढ़ावा दिया। इस दौरान मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ मित्रता और टीम भावना का भी परिचय दिया। ऐसे आयोजन दोनों देशों के रक्षा कर्मियों के बीच विश्वास और सहयोग को मजबूत करने में सहायक साबित होते हैं।
स्थानीय समुदाय से बढ़ा जुड़ाव
21 जून 2026 को आईएनएस तरकश को आम नागरिकों के लिए खोला गया। इस अवसर पर भारतीय मूल के लोगों सहित स्थानीय समुदाय के अनेक सदस्य जहाज़ का अवलोकन करने पहुँचे। लगभग 450 आगंतुकों ने युद्धपोत की संरचना, उसकी क्षमताओं और भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम ने लोगों के बीच आपसी निकटता और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा किया।
भारत-मॉरीशस साझेदारी का मजबूत प्रतीक
आईएनएस तरकश का यह दौरा केवल एक नियमित नौसैनिक गतिविधि नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक सहयोग का प्रतीक बनकर उभरा। समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संपर्क और जनसहभागिता जैसे विभिन्न आयामों ने इस यात्रा को विशेष महत्व प्रदान किया।
निष्कर्ष
भारतीय नौसेना के आईएनएस तरकश की मॉरीशस यात्रा ने यह स्पष्ट किया कि भारत और मॉरीशस के संबंध केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों, सुरक्षा बलों और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच भी गहरा जुड़ाव मौजूद है। ऐसे प्रयास हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के साथ-साथ दोनों मित्र देशों के रिश्तों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
