
नई दिल्ली/विक्टोरिया (सेशेल्स):
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत और सेशेल्स के बीच वर्षों से विकसित हो रहे भरोसेमंद और घनिष्ठ संबंधों को 29 जून 2026 को एक नई पहचान मिली, जब सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित असम रेजिमेंट तथा भारतीय नौसेना की टुकड़ियों ने गरिमापूर्ण भागीदारी निभाई। इस अवसर पर भारतीय जवानों के अनुशासित मार्च और पेशेवर प्रदर्शन ने दोनों देशों की मजबूत रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की भागीदारी दोनों देशों के बीच अटूट मित्रता, पारस्परिक सम्मान और साझा मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और सेशेल्स भविष्य में भी क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की प्रभावशाली मौजूदगी
इस वर्ष के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सेना की असम रेजिमेंट ने पहली बार परेड में हिस्सा लिया। अपनी वीरता, अनुशासन और गौरवशाली सैन्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध यह रेजिमेंट भारतीय सैन्य क्षमता का सशक्त प्रतिनिधित्व करती है। परेड के दौरान भारतीय सैनिकों की सटीक चाल और अनुशासन ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
भारतीय नौसेना की टुकड़ी ने भी पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च करते हुए दोनों देशों के समुद्री सहयोग और सुरक्षा साझेदारी का संदेश दिया। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत और सेशेल्स के बीच लगातार बढ़ता सहयोग इस भागीदारी में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
केवल सैन्य सहयोग नहीं, बल्कि विश्वास का प्रतीक
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस में भारत की भागीदारी महज औपचारिक सैन्य उपस्थिति नहीं थी, बल्कि यह दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास, मित्रता और सहयोग का जीवंत उदाहरण भी थी। ऐसे आयोजनों के माध्यम से रक्षा सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कूटनीतिक संवाद और जन-से-जन संपर्क को भी नई मजबूती मिलती है।
भारत लंबे समय से सेशेल्स के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण, आधारभूत संरचना, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग करता रहा है। दोनों देशों के संबंध समान हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय स्थिरता के साझा उद्देश्य पर आधारित हैं।
हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी का महत्व
सेशेल्स हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण द्वीपीय राष्ट्र है, जिसकी भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारत अपनी ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति के तहत क्षेत्रीय देशों के साथ समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, आपदा राहत और क्षमता निर्माण को प्राथमिकता देता है। सेशेल्स इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
दोनों देशों के बीच नियमित नौसैनिक सहयोग, संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और समुद्री निगरानी से हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षित समुद्री वातावरण को बढ़ावा मिलता है।
मित्रता का मजबूत संदेश
राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सेना और नौसेना की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने मित्र देशों के साथ केवल कूटनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि हर महत्वपूर्ण अवसर पर मजबूती से खड़ा रहता है। इस तरह के आयोजन दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास को और अधिक गहरा बनाते हैं तथा भविष्य में सहयोग के नए अवसर भी तैयार करते हैं।
निष्कर्ष
सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत की सम्मानजनक भागीदारी भारत-सेशेल्स संबंधों के निरंतर मजबूत होते स्वरूप का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह आयोजन केवल एक औपचारिक परेड नहीं था, बल्कि मित्रता, साझा सुरक्षा, सहयोग और पारस्परिक सम्मान का सशक्त संदेश भी था। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, शिक्षा और विकास के क्षेत्रों में सहयोग और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को नई दिशा मिलेगी।
