‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा संदेश: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान, C-295 परियोजना बनी देश की ताकत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 135वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता, आत्मनिर्भर भारत अभियान और C-295 विमान परियोजना की उल्लेखनीय प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि आधुनिक रक्षा तकनीक और सैन्य उपकरणों का निर्माण करने वाला मजबूत राष्ट्र बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने रक्षा क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार किया है। आज देश में अत्याधुनिक हथियार, सैन्य वाहन और विमान का निर्माण तेजी से हो रहा है। इससे न केवल देश की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर भी पैदा होंगे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने C-295 परिवहन विमान परियोजना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस परियोजना के माध्यम से आधुनिक परिवहन विमानों का निर्माण भारत में किया जा रहा है, जिससे देश की तकनीकी क्षमता और विनिर्माण क्षेत्र को नई पहचान मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता केवल सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के प्रमुख रक्षा उपकरण निर्माताओं में अपनी मजबूत जगह बनाएगा।
उन्होंने युवाओं, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और नवाचार के कारण भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने देशवासियों से भी स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि C-295 जैसी परियोजनाएं भविष्य में भारत को रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
‘मन की बात’ के इस संस्करण में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश को तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है। रक्षा क्षेत्र में बढ़ती स्वदेशी क्षमता इसी संकल्प की सबसे बड़ी मिसाल बनकर उभर रही है।