
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में यूक्रेन द्वारा भेजे गए 660 ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह युद्ध के दौरान ड्रोन हमलों से जुड़ी सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना जाएगा।
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए थे। हालांकि, रूसी सेना ने अपनी आधुनिक एयर डिफेंस प्रणाली की मदद से अधिकांश ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया। रूस का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाना था।
दूसरी ओर, यूक्रेन की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। युद्ध के दौरान दोनों पक्ष अक्सर सैन्य अभियानों को लेकर अलग-अलग दावे करते रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष पुष्टि करना कठिन होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध में ड्रोन अब सबसे प्रभावी हथियारों में से एक बन चुके हैं। कम लागत, लंबी दूरी तक पहुंच और सटीक निशाना लगाने की क्षमता के कारण दोनों देश लगातार ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि हवाई सुरक्षा प्रणालियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहा है, लेकिन फिलहाल युद्ध के शांत होने के संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं।
रूस के 660 ड्रोन मार गिराने के दावे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष अब और अधिक तकनीकी तथा व्यापक रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की सैन्य रणनीतियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
