
मनामा। भारत और बहरीन के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बहरीन के राजा हामद बिन ईसा अल खलीफा से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय प्रवासी समुदाय के कल्याण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश पहुंचाया
बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बहरीन के राजा को हार्दिक शुभकामनाएँ और सद्भावना संदेश प्रेषित किया। उन्होंने भारत और बहरीन के बीच दशकों से चले आ रहे विश्वास, मित्रता और सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रति जताया आभार
डॉ. जयशंकर ने बहरीन में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए बहरीन सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी मेहनत और योगदान ने भारत-बहरीन मित्रता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर विशेष चर्चा
बैठक में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार और बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
भारत-बहरीन संबंधों की मजबूत नींव
भारत और बहरीन के संबंध सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों पर आधारित हैं। बहरीन में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत जनसंपर्क का आधार बने हुए हैं। यही समुदाय दोनों देशों की मित्रता को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
प्रवासी भारतीयों के लिए भरोसे का संदेश
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा और हितों की रक्षा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार प्रवासी भारतीयों के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।
भविष्य की साझेदारी की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और बहरीन के बीच बढ़ता सहयोग केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के पास साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाएँ हैं।
निष्कर्ष
डॉ. एस. जयशंकर और बहरीन के राजा के बीच हुई यह मुलाकात भारत और बहरीन के मजबूत और भरोसेमंद संबंधों का प्रतीक है। आपसी सम्मान, विश्वास और सहयोग की भावना पर आधारित यह साझेदारी आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सहयोग को नई गति दे सकती है। साथ ही, यह मुलाकात दुनिया भर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी विश्वास, सुरक्षा और सम्मान का सकारात्मक संदेश लेकर आई है।
