
नई दिल्ली, 2 जुलाई 2026। देशभर में आज कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, रोजगार, सुशासन और आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे अहम विषयों से है। केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम केंद्र सरकार की विभिन्न प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
🏔️ अमित शाह करेंगे एवरेस्ट अभियान के विजेताओं का सम्मान
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित विशेष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए माउंट एवरेस्ट और माउंट ल्होत्से पर्वतारोहण अभियानों के सम्मान में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर पर्वतारोहियों के साहस, समर्पण और उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा।
💼 आंध्र प्रदेश में रोजगार मिशन की शुरुआत
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-G RAM G Act) का शुभारंभ करेंगे। इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना, आजीविका को मजबूत करना और गांवों के समग्र विकास को गति देना है।
🏆 राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्रदान करेंगे डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (NCeG 2026) के दौरान राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्रदान करेंगे। यह सम्मेलन डिजिटल प्रशासन, तकनीकी नवाचार और पारदर्शी शासन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
🌿 आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम
नीति आयोग आज नई दिल्ली में “Strategic Roadmap for Making Ayurveda Global” शीर्षक रिपोर्ट जारी करेगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली में प्रभावी स्थान दिलाने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करना है।
📌 देश के विकास एजेंडे को मिलेगी नई गति
आज आयोजित होने वाले ये सभी कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल प्रशासन, ग्रामीण विकास और पारंपरिक चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से भारत के समग्र विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी।
