
भारत की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय थलसेना का नया प्रमुख (Chief of the Army Staff) नियुक्त किया है। उन्होंने 30 जून 2026 से आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले वे थलसेना के उप-प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह नियुक्ति वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद प्रभावी हुई।
🎖️ लगभग चार दशकों का शानदार सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर लगभग 40 वर्षों का रहा है। वे 1986 में आर्मर्ड कॉर्प्स में कमीशन प्राप्त कर भारतीय सेना में शामिल हुए। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने सीमा सुरक्षा, रणनीतिक योजना, सैन्य आधुनिकीकरण और विभिन्न ऑपरेशनल कमानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
⚔️ आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर रहेगा फोकस
नए सेना प्रमुख के सामने भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप और अधिक आधुनिक बनाना, स्वदेशी रक्षा तकनीकों को बढ़ावा देना, सीमा सुरक्षा को मजबूत करना तथा उभरते साइबर और बहु-आयामी युद्ध खतरों के लिए सेना को तैयार करना प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
🌍 बदलती वैश्विक परिस्थितियों में अहम जिम्मेदारी
ऐसे समय में जब क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का नेतृत्व भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से सेना की परिचालन दक्षता और सामरिक तैयारियों को नई मजबूती मिलेगी।
🇮🇳 निष्कर्ष
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सेना प्रमुख बनना केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय थलसेना के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देश को उनसे मजबूत, आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्रों के लिए पूरी तरह तैयार सेना के निर्माण की बड़ी उम्मीदें हैं।
