
भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। केरल के कोच्चि में आयोजित BRICS महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान ऑल-चाइना वीमेंस फेडरेशन की उपाध्यक्ष एवं सचिवालय की प्रथम सदस्य सुश्री हुआंग शियाओवेई ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और SARAS आजीविका पहल के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों का अवलोकन किया।
🌸 ‘लखपति दीदी’ मॉडल ने खींचा वैश्विक ध्यान
दौरे के दौरान चीनी प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों, पारंपरिक कलाओं और ग्रामीण उद्यमों को करीब से देखा। उन्होंने इस बात में विशेष रुचि दिखाई कि किस प्रकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा रही हैं।
🤝 महिला सशक्तिकरण में बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सुश्री हुआंग शियाओवेई ने महिलाओं के आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भारत की ग्रामीण महिला उद्यमिता से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अन्य देशों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बताया।
🏡 स्वयं सहायता समूह बदल रहे हैं गांवों की तस्वीर
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रदर्शनी के माध्यम से बताया कि DAY-NRLM (दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत स्वयं सहायता समूह पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान दे रहे हैं। इससे लाखों ग्रामीण महिलाओं को स्थायी रोजगार, बेहतर आय और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
📈 स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान
प्रदर्शनी में यह भी दिखाया गया कि कैसे ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पाद अब आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता और विपणन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। इससे स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
🌟 भारत का महिला विकास मॉडल बना प्रेरणा
BRICS मंच पर भारत ने यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की मजबूत नींव भी है। ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
📌 निष्कर्ष
कोच्चि में आयोजित BRICS महिला मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय के मंडप का यह दौरा भारत की महिला-केंद्रित विकास नीतियों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक बनकर उभरा। ‘लखपति दीदी’, SARAS आजीविका और DAY-NRLM जैसी पहलें न केवल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं, बल्कि भारत को महिला उद्यमिता के क्षेत्र में दुनिया के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में स्थापित कर रही हैं।
