
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए अपनी सरकार के विकास मॉडल और सुशासन की नीति को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तुष्टिकरण की राजनीति का दौर समाप्त हो चुका है और डबल-इंजन सरकार का एकमात्र लक्ष्य उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों का सर्वांगीण विकास है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय विकास कुछ सीमित क्षेत्रों और खास लोगों तक सिमटकर रह गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में पूरे प्रदेश की बजाय चुनिंदा क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती थी। इसके विपरीत वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के हर जिले, हर गांव और हर नागरिक तक विकास की योजनाएं पहुंचा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार ने तुष्टिकरण की नीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ जाति, धर्म, क्षेत्र या वर्ग देखकर नहीं, बल्कि पात्रता और आवश्यकता के आधार पर हर जरूरतमंद तक पहुंचाया जा रहा है। यही सुशासन का मूल मंत्र है और यही लोकतंत्र की सच्ची भावना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार जैसे हर क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और उत्तर प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में पहुंचाना है।
उन्होंने भरोसा जताया कि डबल-इंजन सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प के साथ आगे भी विकास की रफ्तार को और तेज करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसी एक क्षेत्र, जाति या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ लोगों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान प्रदेश की राजनीति में विकास बनाम तुष्टिकरण की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। आने वाले समय में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
