
📌 मुख्य बातें
- ✅ कर्नाटक में आज से विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू।
- ✅ बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
- ✅ नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और गलत या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाया जाएगा।
- ✅ मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने पर विशेष जोर।
- ✅ अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी किए जाने की योजना है।
🗳️ लोकतंत्र को मजबूत बनाने की बड़ी पहल
कर्नाटक में आज से विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान का उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र नागरिक ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
🏠 घर-घर जाकर होगा सत्यापन
निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रत्येक घर तक पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। इस दौरान नाम, पता, आयु और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी तथा आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
👥 नए मतदाताओं को मिलेगा अवसर
जो युवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं या जल्द पूरी करने वाले हैं, वे इस अभियान के दौरान अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे। वहीं जिनका नाम किसी कारण से सूची में नहीं है, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
❌ फर्जी और डुप्लीकेट नामों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाएगा। इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।
📅 महत्वपूर्ण समयसीमा
- 30 जून 2026: घर-घर सत्यापन अभियान शुरू।
- 29 जुलाई 2026: घर-घर सत्यापन पूरा।
- 5 अगस्त 2026: प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित।
- 7 अक्टूबर 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी।
🎯 निष्कर्ष
कर्नाटक में शुरू हुआ यह विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे BLO के साथ सहयोग करें, अपनी जानकारी सही ढंग से उपलब्ध कराएं और सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो। इससे आने वाले चुनाव अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेंगे।
