
उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सीतापुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइवज्र (Cyvajra)’ के तहत व्यापक अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान में साइबर ठगी और म्यूल अकाउंट (ऐसे बैंक खाते जिनका उपयोग अवैध धन के लेन-देन के लिए किया जाता है) से जुड़े 40 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि प्रारंभिक जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीन आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना है।
💻 संयुक्त अभियान में कई टीमों ने संभाला मोर्चा
यह अभियान पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर थाना, सर्विलांस टीम और जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की संयुक्त पुलिस टीमों द्वारा चलाया गया। अभियान के दौरान उन व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनके बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी के मामलों में होने की आशंका थी। संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े खातों और लेन-देन की गहन जांच भी की गई।
🔍 म्यूल अकाउंट्स पर पुलिस की पैनी नजर
जांच में ऐसे कई बैंक खातों की जानकारी सामने आई, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी ठगी से प्राप्त धनराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कर रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा किसी अन्य व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
⚖️ तीन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा
अभियान के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर तीन व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। अन्य हिरासत में लिए गए लोगों से भी पूछताछ जारी है और यदि उनके खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं तो आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
📢 पुलिस की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
सीतापुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजना या ऑनलाइन लॉटरी के झांसे में न आएं। किसी भी परिस्थिति में OTP, UPI PIN, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या डेबिट/क्रेडिट कार्ड का विवरण किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।
🛡️ जागरूकता ही साइबर सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल
पुलिस का मानना है कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है। डिजिटल दुनिया में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को ऑनलाइन लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
📌 निष्कर्ष
ऑपरेशन ‘साइवज्र’ के माध्यम से सीतापुर पुलिस ने साइबर अपराधियों और म्यूल अकाउंट नेटवर्क के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। 40 संदिग्धों को हिरासत में लेकर और तीन आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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