
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के करोल बाग में करीब ₹1 करोड़ की चोरी के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस कर्मचारी पर दुकान की सुरक्षा का भरोसा था, वही इस हाई-प्रोफाइल चोरी का कथित मास्टरमाइंड निकला। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले दुकान की डुप्लीकेट चाबी तैयार करवाई और फिर वारदात के दौरान सीसीटीवी का DVR भी साथ ले गया, ताकि कोई अहम सबूत पीछे न रह जाए।
कैसे रची गई पूरी साजिश?
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कर्मचारी दुकान की व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली से अच्छी तरह परिचित था। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी के जरिए बिना किसी जबरन प्रवेश के दुकान में प्रवेश किया। इसके बाद नकदी और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया तथा CCTV फुटेज मिटाने के उद्देश्य से DVR भी अपने साथ ले गया।
पुलिस जांच में खुला राज
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, संदिग्ध गतिविधियों और पूछताछ के आधार पर कर्मचारी की भूमिका पर शक जताया। जांच आगे बढ़ने पर कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं और चोरी की योजना का खुलासा हुआ। पुलिस अब चोरी की गई रकम और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल CCTV कैमरे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि DVR की सुरक्षित व्यवस्था, डिजिटल बैकअप, एक्सेस कंट्रोल और कर्मचारियों का समय-समय पर सत्यापन भी बेहद आवश्यक है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है। चोरी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और बरामदगी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
