
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय सेना के नेतृत्व से जुड़ा एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में दावा किया गया कि पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विरोध स्वरूप अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और सेना की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंप दी है। लेकिन इस दावे की सच्चाई सामने आते ही पूरा मामला फर्जी साबित हुआ। भारत सरकार की PIB Fact Check इकाई ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो पूरी तरह AI आधारित डीपफेक है और इसका वास्तविक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है।
AI तकनीक से तैयार किया गया भ्रामक वीडियो
PIB Fact Check के अनुसार, वायरल क्लिप को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की सहायता से तैयार किया गया है। वीडियो में आवाज और दृश्य इस तरह बदले गए हैं कि वह वास्तविक प्रतीत हो, जबकि जांच में यह पूरी तरह नकली पाया गया। इसका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और गलत सूचनाओं का प्रसार करना है।
इस्तीफे का दावा पूरी तरह निराधार
सरकारी फैक्ट चेक में साफ किया गया है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस्तीफा देने या विरोध दर्ज कराने जैसा कोई बयान कभी नहीं दिया। सोशल मीडिया पर प्रसारित सभी दावे असत्य और भ्रामक हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी वीडियो या संदेश को साझा न करें।
नेतृत्व परिवर्तन सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा
PIB ने यह भी स्पष्ट किया कि सेना के शीर्ष नेतृत्व में हुआ बदलाव पूरी तरह सेवा अवधि पूर्ण होने के बाद निर्धारित नियमों और परंपराओं के अनुसार किया गया। इसे किसी विवाद, असहमति या विरोध से जोड़ना तथ्यहीन और भ्रम फैलाने वाला दावा है।
दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश
फैक्ट चेक एजेंसी के अनुसार, कुछ पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया नेटवर्क इस प्रकार के एडिटेड और डीपफेक वीडियो प्रसारित कर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे अभियान का उद्देश्य जनता के बीच भ्रम पैदा करना और संवेदनशील संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना है।
नागरिकों के लिए जरूरी संदेश
- किसी भी वायरल वीडियो पर आंख बंद करके विश्वास न करें।
- खबर साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
- सरकारी मामलों से जुड़ी जानकारी केवल विश्वसनीय और आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें।
- डीपफेक और फर्जी खबरों की पहचान करें तथा दूसरों को भी जागरूक बनाएं।
निष्कर्ष
डिजिटल युग में डीपफेक तकनीक गलत सूचना फैलाने का बड़ा हथियार बनती जा रही है। ऐसे समय में जागरूकता, तथ्य जांच और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा ही फर्जी खबरों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। भारतीय सेना से जुड़े वायरल दावों पर PIB Fact Check ने स्पष्ट कर दिया है कि इस्तीफे का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। इसलिए किसी भी वायरल सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
