
जयपुर | 29 जून 2026
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा विशेष अभियान चलाया है। मात्र 25 दिनों में 1,92,513 वाहनों पर कार्रवाई कर राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
🚔 अभियान का उद्देश्य
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और ट्रैफिक महानिदेशक अनिल पालीवाल के निर्देशन में 4 जून से 28 जून 2026 तक यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य VIP संस्कृति पर रोक लगाना, वाहनों में अवैध संशोधन समाप्त करना तथा ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) डॉ. बी.एल. मीणा के अनुसार इस अभियान के दौरान रिकॉर्ड संख्या में चालान और कानूनी कार्रवाई की गई।
⚠️ किन मामलों में हुई सबसे अधिक कार्रवाई?
राजस्थान पुलिस ने विभिन्न प्रकार के ट्रैफिक उल्लंघनों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों वाहन चालकों पर जुर्माना लगाया।
- 69,786 वाहनों पर अवैध काली फिल्म लगाने के मामले।
- 48,271 वाहनों में गलत नंबर प्लेट और रजिस्ट्रेशन मार्क पाए गए।
- 26,930 वाहनों पर अनुचित शब्द, प्रतीक और स्टिकर मिले।
- 21,333 वाहनों में अवैध बॉडी एवं चेसिस संशोधन पाए गए।
- 15,863 मामलों में लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट और हूटर का दुरुपयोग मिला।
- 10,330 मामलों में प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न का अवैध उपयोग पाया गया।
📊 सिर्फ दो दिनों में 15 हजार से अधिक कार्रवाई
अभियान के अंतिम दो दिनों में भी पुलिस की सख्ती जारी रही। इस दौरान 15,479 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इनमें शामिल हैं—
- 4,880 मामलों में काली फिल्म।
- 3,636 मामलों में गलत नंबर प्लेट।
- 2,283 मामलों में अवैध वाहन संशोधन।
- 2,221 मामलों में अनुचित लेखन एवं प्रतीक।
- 1,608 मामलों में लाल-नीली लाइट और हूटर का गलत उपयोग।
- 851 मामलों में प्रेशर हॉर्न।
🛡️ पुलिस का स्पष्ट संदेश
डॉ. बी.एल. मीणा ने कहा कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने वाहनों से अवैध उपकरण हटाएं, निर्धारित नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
🚦 सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के व्यापक अभियान सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने और ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही VIP संस्कृति और अवैध वाहन संशोधनों पर प्रभावी रोक लगाने में भी ऐसे अभियान बेहद कारगर साबित होते हैं।
✍️ निष्कर्ष
राजस्थान पुलिस का यह मेगा अभियान केवल चालान काटने की कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून के प्रति सम्मान और सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने का मजबूत संदेश है। यदि नागरिक ट्रैफिक नियमों का ईमानदारी से पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और प्रदेश को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
“सड़क सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।”
