
मॉस्को/बीजिंग: रूस और चीन के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने चीन में अपने सैनिकों के लिए एक गुप्त सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को उच्च स्तर पर मंजूरी दी थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद दोनों देशों के रणनीतिक और सैन्य सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
बताया जा रहा है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय, आधुनिक युद्ध तकनीकों का आदान-प्रदान और संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता को मजबूत करना था। हालांकि, इस कार्यक्रम के संचालन और इसकी अवधि से जुड़ी कई जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के बीच लगातार गहराते रक्षा संबंध वैश्विक शक्ति संतुलन पर प्रभाव डाल सकते हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा तकनीक सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को लगातार विस्तार दिया है, जिससे पश्चिमी देशों की चिंताएं भी बढ़ी हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के जानकार इस घटनाक्रम को एशिया और यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि दोनों देशों का सैन्य सहयोग इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो भविष्य में वैश्विक रणनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल रूस और चीन की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसके बावजूद यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय रक्षा और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।
