
23 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन PFI के पूर्व पलक्कड़ जिला अध्यक्ष मुहम्मदअली KP को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। वह वर्ष 2022 में RSS नेता श्रीनिवासन की हत्या के मामले में वांछित था और पिछले चार वर्षों से सऊदी अरब के रियाद में छिपकर रह रहा था।
🔹 गिरफ्तारी से जुड़ी बड़ी बातें
- आरोपी मुहम्मदअली KP पर RSS नेता श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
- NIA ने उस पर ₹3 लाख का इनाम घोषित किया था।
- आरोपी के खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी किया गया था।
- दिल्ली एयरपोर्ट पर भारत पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
- इस हत्याकांड में अब तक 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
🔹 NIA जांच में क्या हुआ खुलासा?
NIA की जांच के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन PFI के कुछ सदस्यों पर हिंसक गतिविधियों और कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि संगठन के कुछ गुटों ने सुनियोजित तरीके से लक्षित हिंसा और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश रची थी। इन आरोपों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत जारी है।
🔹 राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह गिरफ्तारी?
- चार वर्षों से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को NIA की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
- इससे हत्या मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटरपोल और भारतीय एजेंसियों के समन्वय की भूमिका भी सामने आई है।
- सुरक्षा एजेंसियां संगठन से जुड़े संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
🔹 आगे क्या होगा?
गिरफ्तार आरोपी को जल्द ही NIA की विशेष अदालत, कोच्चि में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी इस मामले में अन्य संदिग्धों और संभावित नेटवर्क की भी जांच जारी रखे हुए है।
निष्कर्ष
RSS नेता श्रीनिवासन हत्याकांड में चार साल से फरार मुख्य आरोपियों में शामिल मुहम्मदअली KP की गिरफ्तारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह कार्रवाई न केवल हत्या मामले की जांच को मजबूत करेगी, बल्कि संगठित और हिंसक आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को भी गति प्रदान करेगी।
