
मुंबई, 17 फरवरी 2026 – क्रिकेट के प्रतिष्ठित मैदान में मंगलवार की शाम एक ऐसा क्षण दर्ज हुआ, जिसने नेपाली क्रिकेट को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। ने को सात विकेट से पराजित कर में अपनी पहली जीत हासिल की। यह उपलब्धि केवल खेल सांख्यिकी का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन गई है।
मुकाबले का उतार-चढ़ाव
स्कॉटलैंड की पारी:
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने आक्रामक शुरुआत की। पावरप्ले के भीतर ही टीम ने तेज रन जुटाकर दबाव बनाने की कोशिश की। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ माइकल जोन्स ने 45 गेंदों में 71 रनों की प्रभावशाली पारी खेलकर टीम को मजबूती दी।
हालांकि मध्य ओवरों में नेपाली गेंदबाज़ों ने संयम और रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया। विशेषकर सोमपाल कामी ने 16वें ओवर में लगातार दो अहम विकेट लेकर मुकाबले की दिशा बदल दी। अंततः स्कॉटलैंड की टीम 20 ओवरों में 170/7 पर रुक गई।
नेपाल की पारी:
171 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए नेपाल ने धैर्य और आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की। ओपनर कुशल भुर्तेल और आसिफ शेख ने 74 रनों की मजबूत साझेदारी कर टीम को स्थिर आधार दिया।
मध्यक्रम में कप्तान रोहित पौडेल ने पारी को संयमित किया और रनगति बनाए रखी। मुकाबले का निर्णायक क्षण तब आया जब दिपेंद्र सिंह ऐरी ने विस्फोटक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए। गुलशन झा (24*) के साथ उनकी 73 रनों की साझेदारी ने जीत की मुहर लगा दी। नेपाल ने लक्ष्य को 19.2 ओवर में हासिल कर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की।
क्यों खास है यह जीत?
- टी20 विश्व कप में यह नेपाल की पहली जीत है, जिसने टीम को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी।
- खिलाड़ियों के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- यह प्रदर्शन दर्शाता है कि नेपाल अब केवल भाग लेने वाली टीम नहीं, बल्कि प्रभावी प्रतिस्पर्धी बन चुका है।
- दिपेंद्र सिंह ऐरी और सोमपाल कामी का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
ऐतिहासिक संदेश
यह जीत सिर्फ एक क्रिकेट मैच का परिणाम नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिबद्धता, अनुशासन और टीम भावना से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
वानखेड़े की यह यादगार रात नेपाली खेल इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगी।