
भोपाल, 18 फरवरी 2026। राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेल के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी की पुलिस रिमांड अवधि बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज करते हुए आरोपी से जुड़ी एक SUV और अन्य कारों को जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, नाबालिग छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने दोस्ती के बहाने विश्वास में लेकर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में आपत्तिजनक सामग्री के जरिए उसे ब्लैकमेल करता रहा। पीड़िता के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने और पीड़िता को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने के लिए SUV और अन्य निजी वाहनों का इस्तेमाल किया। इन्हीं वाहनों को सबूत के तौर पर जब्त किया गया है ताकि इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
रिमांड क्यों बढ़ी?
पुलिस ने अदालत में दलील दी कि मामले में डिजिटल उपकरणों की जांच, घटनास्थलों की पुष्टि, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण और संभावित सहआरोपियों से पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। अदालत ने प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को देखते हुए आरोपी की रिमांड बढ़ाने की अनुमति दे दी।
फॉरेंसिक और डिजिटल जांच
जांच टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जब्त किया है। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और मीडिया फाइलों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पीड़िता के अलावा किसी अन्य को भी इसी तरह निशाना बनाया है।
पीड़िता की सुरक्षा और काउंसलिंग
पुलिस और बाल कल्याण विभाग ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखते हुए उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की है। साथ ही मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वह कानूनी प्रक्रिया के दौरान मानसिक रूप से सशक्त रह सके।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया जाएगा। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले ने शहर में चिंता की लहर पैदा कर दी है। नागरिक संगठनों ने नाबालिगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने और ऑनलाइन ब्लैकमेल जैसे अपराधों पर कठोर निगरानी की मांग की है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।