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थाना रामगांव पुलिस की सख्त कार्रवाई: सरकारी किताबों की कालाबाज़ारी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार

थाना रामगांव पुलिस ने सरकारी संपत्ति की हेराफेरी के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने विद्यार्थियों को निःशुल्क वितरण के लिए निर्धारित सरकारी पाठ्यपुस्तकों को अवैध रूप से बाजार में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कुल 13,082 सरकारी किताबें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी

पुलिस को विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी मिली थी कि कुछ लोग सरकारी विद्यालयों के लिए भेजी गई किताबों को गबन कर उन्हें निजी लाभ के लिए बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना रामगांव की टीम ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित स्थान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में पुस्तकें बरामद हुईं, जिन्हें व्यवस्थित रूप से पैक कर बाहर भेजने की तैयारी की जा रही थी।

योजनाबद्ध तरीके से किया गया गबन

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी स्टॉक से किताबें अलग कीं और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई। पुलिस का मानना है कि यह काम अकेले संभव नहीं था, इसलिए इस पूरे मामले में और लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

चारों आरोपियों को मौके से हिरासत में लेकर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

अधिकारियों का बयान

मामले पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी महसी पवन कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह सफलता पुलिस को मिली गुप्त सूचना और सतर्क निगरानी का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आगे की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गोरखधंधा कब से चल रहा था और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि किताबों को किन माध्यमों से और किन क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।

सख्त संदेश

इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विद्यार्थियों के अधिकारों और सरकारी संसाधनों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी ऐसी अनियमितताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी और कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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