
राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय शराब तस्करी रैकेट के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई को राज्य में अवैध शराब कारोबार पर महत्वपूर्ण चोट माना जा रहा है।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का गिरोह Punjab से अवैध शराब की खेप मंगवाकर Gujarat सहित अन्य राज्यों में पहुंचाता था। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। परिवहन के लिए अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था और हर खेप के साथ रूट भी बदले जाते थे ताकि पुलिस को भनक न लगे।
तकनीकी निगरानी से मिली अहम सुराग
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद ली। कई बार पुलिस को उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिली, लेकिन वह हर बार स्थान बदलकर फरार हो जाता था। हाल ही में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने एक रणनीतिक छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस रैकेट के जरिए सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। अवैध शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है।
आगे की जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा पिछले तीन वर्षों में कितनी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी की गई। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से राज्य में सक्रिय अन्य तस्करों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।
राजस्थान पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।