
राजस्थान में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य के जयपुर और बाड़मेर जिलों से जुड़ी एक सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार बाड़मेर जिले में चार आरोपियों ने एक 17 वर्षीय स्कूली छात्र का स्कूल से अपहरण कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब छात्र स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान चार युवक कथित रूप से उसे जबरन अपने साथ ले गए। आरोप है कि आरोपियों ने छात्र के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के पीछे पुरानी रंजिश या आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
घायल छात्र को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक लेकिन स्थिर बताया है। चिकित्सकीय निगरानी में उसका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। परिवार की शिकायत पर संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है, जिसमें अपहरण और जानलेवा हमले के आरोप शामिल हैं। पुलिस ने संभावित आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि “दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।”
परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद छात्र के परिजनों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। परिजनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्कूल प्रशासन ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि छात्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्कूल परिसर और उसके आसपास अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था बढ़ाने के कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, अभिभावकों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी सुझावों पर विचार किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों के आसपास सुरक्षा इंतजामों की स्थिति पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल समय में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत किया जाना चाहिए।
आगे की जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस वारदात के पीछे असली कारण क्या था।
फिलहाल, पूरा क्षेत्र इस घटना से स्तब्ध है और सभी की नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को सजा दिलाने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।