HIT AND HOT NEWS

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका: बुमराह की भूमिका पर मोहम्मद कैफ़ का सीधा सवाल

अहमदाबाद में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारत को दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रनों की बड़ी हार झेलनी पड़ी। यह नतीजा केवल एक हार भर नहीं था, बल्कि इसने टीम इंडिया की रणनीति और मैच मैनेजमेंट पर भी बहस छेड़ दी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने विशेष रूप से तेज़ गेंदबाज़ के इस्तेमाल को लेकर टीम प्रबंधन पर सवाल उठाए।

मैच का टर्निंग पॉइंट: बीच के ओवर

कैफ़ के अनुसार भारत ने मुकाबला पावर-प्ले में नहीं, बल्कि 7वें से 15वें ओवर के बीच गंवाया। इसी दौरान दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए बड़ी साझेदारी की।
और ने मध्य ओवरों में रनगति बढ़ाई और भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया।

कैफ़ का मानना है कि ऐसे समय पर भारत को अपने सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ बुमराह को आक्रमण पर लाना चाहिए था। बुमराह ने पावर-प्ले में दो ओवर डाले और फिर सीधे 17वें ओवर में गेंदबाज़ी करने आए। इस अंतराल में दक्षिण अफ्रीका ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली थी।

रणनीति पर उठे सवाल

कैफ़ ने कहा कि बुमराह केवल डेथ ओवरों के विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि वे साझेदारी तोड़ने की क्षमता रखने वाले गेंदबाज़ हैं। उनका सुझाव था कि जब विपक्षी टीम लय पकड़ रही हो, तब आक्रामक विकल्प के तौर पर बुमराह को इस्तेमाल करना अधिक प्रभावी होता।

उन्होंने पूर्व कप्तान के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि रोहित अक्सर बुमराह को पावर-प्ले के बाद मिडिल ओवरों में उतारते थे, जिससे रनगति नियंत्रित रहती और विकेट मिलने की संभावना बढ़ती थी।

कैफ़ के अनुसार, “मैच-विनर” खिलाड़ी को केवल आख़िरी ओवरों के लिए बचाकर रखना कभी-कभी उल्टा भी पड़ सकता है।

हार का व्यापक प्रभाव

यह हार कई मायनों में उल्लेखनीय रही।

इस नतीजे ने भारत की सेमीफ़ाइनल की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। अब टीम को अगले मुकाबलों में बेहतर संतुलन और सटीक रणनीति दिखानी होगी।

आगे की राह

बड़े टूर्नामेंटों में अक्सर छोटे फैसले बड़े परिणाम तय करते हैं। इस मैच ने यह संकेत दिया कि केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सही समय पर सही संसाधन का उपयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बुमराह जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज़ का रणनीतिक इस्तेमाल भारत की जीत की कुंजी बन सकता है।

मोहम्मद कैफ़ की आलोचना दरअसल टीम के हित में की गई वह टिप्पणी है, जो भविष्य के लिए सीख साबित हो सकती है। अब देखने वाली बात होगी कि भारतीय टीम प्रबंधन अगले मुकाबलों में अपनी रणनीति में क्या बदलाव करता है।

Exit mobile version