
प्रस्तावना
अमेरिका की राजनीति में को दृढ़ नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। वर्ष 2026 में के Center for Politics द्वारा उन्हें “Defender of Democracy Award” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और लोकतंत्र की संस्थाओं को सशक्त बनाए रखने के प्रयासों की औपचारिक स्वीकारोक्ति है।
सम्मान समारोह की झलक
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर के ऐतिहासिक और में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षाविदों, विद्यार्थियों, नीति विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में पेलोसी ने अमेरिकी लोकतंत्र की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की जागरूकता और भागीदारी में निहित है।
लोकतंत्र पर पेलोसी के विचार
नैन्सी पेलोसी ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि जनमत लोकतंत्र की धुरी है। उनके अनुसार—
- लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत रहती है जब नागरिक सक्रिय रूप से अपनी आवाज उठाते हैं।
- स्वस्थ बहस और असहमति किसी भी लोकतंत्र को जीवंत बनाती है।
- जनता का विश्वास बनाए रखना जनप्रतिनिधियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, जवाबदेही और पारदर्शिता की प्रक्रिया है।
पुरस्कार का व्यापक महत्व
“Defender of Democracy Award” केवल एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की मान्यता है। हाउस स्पीकर के रूप में पेलोसी की भूमिका कई महत्वपूर्ण विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं से जुड़ी रही है। उनके नेतृत्व में प्रतिनिधि सभा ने संस्थागत संतुलन और संवैधानिक दायित्वों पर विशेष ध्यान दिया।
यह सम्मान यह संदेश देता है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहस, धैर्य और सिद्धांतों पर दृढ़ रहने की आवश्यकता होती है। साथ ही यह नई पीढ़ी को भी प्रेरित करता है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।
निष्कर्ष
नैन्सी पेलोसी को मिला यह सम्मान अमेरिकी लोकतंत्र की निरंतरता और उसकी मूल भावना को रेखांकित करता है। उनका संदेश स्पष्ट है—लोकतंत्र की असली शक्ति जनता में निहित है। जब नागरिक जागरूक और सक्रिय रहते हैं, तभी लोकतांत्रिक संस्थाएँ मजबूत और जीवंत बनी रहती हैं।