
फरवरी 2026 में केंद्र सरकार की नीतिगत सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठकों में कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों का उद्देश्य देश की आर्थिक प्रगति को गति देना, आत्मनिर्भर भारत के विज़न को मजबूत करना और समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
फरवरी का #CabinetRoundup कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें स्टार्टअप इकोसिस्टम से लेकर शहरी विकास तक बड़े कदम उठाए गए।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0: नवाचार को नई ऊर्जा
सरकार ने Startup India के तहत “फंड ऑफ फंड्स 2.0” को मंजूरी देकर स्टार्टअप जगत को नई ताकत दी है। इस पहल का उद्देश्य उभरते उद्यमियों को पूंजी उपलब्ध कराना, नवाचार को बढ़ावा देना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय स्टार्टअप्स को सक्षम बनाना है।
इस चरण में विशेष रूप से डीप-टेक, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और भारत वैश्विक इनोवेशन हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।
अर्बन चैलेंज फंड: आधुनिक शहरों की दिशा में बड़ा कदम
शहरीकरण की तेज रफ्तार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने “Urban Challenge Fund” की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य शहरों में बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, सतत परिवहन, हरित विकास और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करना है।
यह फंड राज्यों और शहरी स्थानीय निकायों को प्रतिस्पर्धी आधार पर समर्थन देगा, ताकि वे नवाचारपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तुत करें और अपने शहरों को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और टिकाऊ बना सकें। इससे छोटे और मध्यम शहरों को भी महानगरों के बराबर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास पर जोर
फरवरी 2026 के कैबिनेट निर्णय केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई। कृषि, एमएसएमई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सुधारों को गति देने के संकेत मिले हैं।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास केवल बड़े शहरों या उद्योगों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों, किसानों, महिलाओं और युवाओं तक समान रूप से पहुंचे।
वैश्विक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत
इन फैसलों के माध्यम से भारत ने यह संकेत दिया है कि वह बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में स्वयं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना चाहता है। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन, शहरी ढांचे का सुदृढ़ीकरण और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार—ये सभी कदम भारत को दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे ले जाते हैं।
निष्कर्ष
फरवरी 2026 का कैबिनेट राउंडअप दर्शाता है कि केंद्र सरकार विकास की बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 और अर्बन चैलेंज फंड जैसे निर्णय देश की युवा शक्ति, नवाचार क्षमता और शहरी क्षमता को नई दिशा देंगे।
यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो भारत की विकास यात्रा आने वाले वर्षों में और अधिक सुदृढ़ और समावेशी बन सकती है।