
कौशांबी। जनपद के सराय अकिल स्थित विकास अस्पताल में उस समय एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल की खिड़की से टकराकर घायल हुए एक कबूतर की जान बचाने के लिए चिकित्सक ने तुरंत पहल की।
बताया जा रहा है कि एक कबूतर तेज़ी से उड़ते हुए अस्पताल की खिड़की से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उड़ने में असमर्थ हो गया। जमीन पर तड़पते पक्षी को देखकर अस्पताल के स्टाफ ने तुरंत इसकी जानकारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित सिंह को दी।
डॉ. सिंह ने बिना देर किए कबूतर को सावधानीपूर्वक उठाया और उसकी स्थिति का परीक्षण किया। प्राथमिक जांच में पाया गया कि टक्कर के कारण उसे आंतरिक चोट आई है और वह अत्यधिक घबराहट की स्थिति में है। डॉक्टर ने उसकी सफाई की, आवश्यक दवा दी और उसे सुरक्षित स्थान पर आराम के लिए रखा।
कुछ समय की देखभाल और उपचार के बाद कबूतर की हालत में सुधार दिखाई देने लगा। धीरे-धीरे उसने अपने पंख फड़फड़ाने शुरू किए और कुछ ही घंटों में वह फिर से उड़ान भरने में सक्षम हो गया। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
डॉ. अमित सिंह ने कहा कि “जीवन चाहे किसी भी रूप में हो, उसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। इंसान ही नहीं, पशु-पक्षियों की सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”
स्थानीय लोगों ने डॉक्टर की इस संवेदनशीलता और मानवता की सराहना की। यह घटना समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है कि दया और करुणा केवल शब्द नहीं, बल्कि आचरण में उतारने योग्य मूल्य हैं।
सराय अकील में घटी यह छोटी-सी घटना यह दर्शाती है कि सच्ची सेवा भावना केवल पेशे तक सीमित नहीं होती, बल्कि हर जीव के प्रति समान संवेदना में निहित होती है।