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कृषि और ग्रामीण परिवर्तन को नई गति: बजट पश्चात वेबिनार में प्रधानमंत्री का संबोधन

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की भूमिका हमेशा से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र के विकास, ग्रामीण समृद्धि और तकनीकी नवाचार की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाला है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कृषि: भारत की अर्थव्यवस्था का आधार

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि केवल खाद्य उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्तंभ भी है। सरकार ने पिछले वर्षों में कई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उनके जोखिम कम करने का प्रयास किया है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी व्यवस्थाओं ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उच्च मूल्य वाली कृषि पर जोर

प्रधानमंत्री ने कृषि को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को वैश्विक कृषि बाजार में मजबूत स्थान बनाना है, तो हमें केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कोको, काजू, चंदन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को भी प्रोत्साहित करना होगा।

इसके साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में अगरवुड और हिमालयी क्षेत्रों में शीतोष्ण फलों व मेवों के उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। उनका मानना है कि निर्यात आधारित उत्पादन से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन उद्योग विकसित होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मत्स्य पालन और पशुपालन की संभावनाएँ

प्रधानमंत्री ने मत्स्य पालन क्षेत्र को ग्रामीण समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और इस क्षेत्र में अभी भी विशाल संभावनाएँ मौजूद हैं। यदि उचित प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और बेहतर लॉजिस्टिक्स का उपयोग किया जाए, तो यह क्षेत्र निर्यात और आय दोनों को बढ़ा सकता है।

इसके साथ ही उन्होंने पशुपालन क्षेत्र के महत्व को भी रेखांकित किया। भारत पहले से ही दूध उत्पादन में विश्व में अग्रणी है और अंडा उत्पादन में भी दूसरे स्थान पर है। प्रधानमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण प्रजनन, रोग नियंत्रण और वैज्ञानिक प्रबंधन को इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक बताया।

फसल विविधीकरण और जोखिम प्रबंधन

प्रधानमंत्री ने किसानों को केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दालों, खाद्य तेलों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभदायक बनाया जा सकता है। इससे किसानों को बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे और जोखिम भी कम होंगे।

कृषि में डिजिटल क्रांति

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना विकसित कर रही है, जिसमें एग्रीस्टैक, किसान पहचान पत्र और डिजिटल भूमि सर्वेक्षण जैसे कदम शामिल हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल तकनीक विकसित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्थानों और उद्यमियों को इसे अपनाकर नए समाधान विकसित करने होंगे। जब तकनीक, संस्थान और उद्यमिता एक साथ काम करेंगे, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।

ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी योजनाओं को ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण बताया।

इसके अलावा उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की भूमिका की सराहना करते हुए “लखपति दीदी” अभियान का उल्लेख किया। इस अभियान के माध्यम से 2029 तक तीन करोड़ से अधिक महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

निष्कर्ष

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार, किसानों, उद्योग जगत और विशेषज्ञों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों से कृषि प्रसंस्करण, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बजट के बाद आयोजित यह वेबिनार न केवल नई नीतियों को समझने में मदद करेगा, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास के लिए ठोस कार्यान्वयन की दिशा भी तय करेगा। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और नई पहचान मिल सकती है।

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