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बिहार में बाढ़ का कहर: पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर

सांकेतिक तस्वीर

राजू मिली

बिहार के कई जिलों में आई बाढ़ ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह से प्रभावित किया है। बाढ़ का पानी सड़कों, खेतों और घरों में घुस गया है, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। सुरक्षित स्थानों की तलाश में लोगों को अपने घरों से निकलकर पलायन करना पड़ा है। हालांकि, कई लोग मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं।

पीड़ितों ने बताया कि बाढ़ का पानी तेजी से उनके घरों में घुस गया, जिससे उनके पास भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है, जहां राहत सामग्री और सरकारी मदद अब तक नहीं पहुंची है। कई परिवार टेंट या प्लास्टिक की छतों के नीचे रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग ऊंची जगहों या बांधों पर शरण लिए हुए हैं।

भोजन और पानी की किल्लत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी और खाने की कमी गंभीर समस्या बन गई है। कई गांवों में पानी की आपूर्ति ठप हो चुकी है और लोग गंदे पानी का इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों की हालत और भी खराब है, क्योंकि उन्हें साफ पानी और पर्याप्त पोषण नहीं मिल पा रहा है।

सरकारी मदद का इंतजार हालांकि, स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा राहत कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित लोग जल्द से जल्द और अधिक राहत सामग्री और सुरक्षित आश्रयों की मांग कर रहे हैं।

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