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प्रयागराज: बेटे के अपहरण का झूठा मामला दर्ज, पत्नी को फँसाने की साजिश का खुलासा

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सटे प्रतापगढ़ जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी। शुरुआती तौर पर मामला बेहद गंभीर लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच ने सच्चाई को उजागर कर दिया। दरअसल, यह पूरी साजिश उस व्यक्ति ने अपनी अलग रह रही पत्नी को फँसाने के लिए रची थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। उसने अपनी पत्नी और उसके कुछ परिचितों पर भी संदेह जताया था। बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई।

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की, कॉल डिटेल्स खंगाली और कई संभावित स्थानों पर तलाश की। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बच्चा किसी रिश्तेदार के घर पर मौजूद है। जब पुलिस वहां पहुंची तो बच्चा सुरक्षित मिला, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्चे के पिता ने ही यह पूरा षड्यंत्र रचा था। उसका मकसद अपनी पत्नी को कानूनी मुसीबत में डालना और उस पर दबाव बनाना था, क्योंकि दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और वे अलग-अलग रह रहे थे।

पुलिस ने मामले में सख्ती दिखाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बच्चे का पिता भी शामिल बताया जा रहा है। सभी आरोपियों के खिलाफ झूठी सूचना देने, साजिश रचने और पुलिस को गुमराह करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी शिकायतें न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती हैं, बल्कि असली आपराधिक मामलों की जांच को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संदेश भी देती है कि पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए कानून का दुरुपयोग करना न केवल गलत है, बल्कि इसके गंभीर कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी शिकायत को दर्ज कराते समय सच्चाई और जिम्मेदारी का पालन करें, ताकि कानून व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

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