केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के लिए कुल 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। यह सहायता वर्ष 2025 में आई बाढ़, आकस्मिक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), बादल फटने, भूस्खलन तथा चक्रवात ‘मोंथा’ से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए स्वीकृत की गई है।

इस सहायता का लाभ आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को मिलेगा।
समिति के निर्णय के अनुसार:
- आंध्र प्रदेश को 341.48 करोड़ रुपये
- छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये
- गुजरात को 778.67 करोड़ रुपये
- हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपये
- नागालैंड को 158.41 करोड़ रुपये
- जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपये
की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी।
यह राशि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से दी जाएगी और इसे राज्यों के राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) में उपलब्ध राशि के साथ समायोजित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय वह राज्यों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास कार्यों में पूरा सहयोग करती है और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई है। इसके अंतर्गत 28 राज्यों को SDRF के तहत 20,735.20 करोड़ रुपये तथा 21 राज्यों को NDRF के तहत 3,628.18 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
इसके अलावा, आपदा जोखिम को कम करने के लिए राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई है।
सरकार का कहना है कि इन वित्तीय प्रावधानों के माध्यम से आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य, पुनर्निर्माण और भविष्य में जोखिम कम करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।