नई दिल्ली। ने एक बार फिर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना भी की।

प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए स्वास्थ्य के महत्व को समझाया। उन्होंने लिखा कि यदि मनुष्य नियमित रूप से व्यायाम करता है तो उसे अच्छा स्वास्थ्य, लंबी आयु, शक्ति और जीवन में सुख की प्राप्ति होती है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया संस्कृत सुभाषित इस प्रकार है—
“व्यायामाल्लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्।
आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥”
इस सुभाषित का अर्थ है कि व्यायाम से उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु, शक्ति और सुख प्राप्त होता है। स्वस्थ शरीर मनुष्य का सबसे बड़ा सौभाग्य होता है, क्योंकि स्वास्थ्य ही जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करने का आधार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अपने काम और व्यस्त दिनचर्या के कारण अक्सर स्वास्थ्य की अनदेखी कर देते हैं। लेकिन यदि व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम, योग और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले तो वह लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकता है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने जीवन में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करें, जैसे कि सुबह की सैर, योग, दौड़, खेलकूद या अन्य व्यायाम। इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश इस बात को भी दर्शाता है कि स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए और नियमित व्यायाम को अपनी आदत बनाना चाहिए।