उत्तर प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। इसी दिशा में यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) द्वारा की गई ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। लखनऊ से दो अंतर्राज्यीय तस्करों की गिरफ्तारी और उनके पास से 733 किलोग्राम अवैध गांजे की बरामदगी न केवल एक बड़ी सफलता है, बल्कि नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को भी नई मजबूती देती है।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह उड़ीसा और आंध्र प्रदेश से कम कीमत पर गांजा लाकर उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचता था। इस अवैध कारोबार से जहां ये तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे, वहीं समाज, विशेषकर युवाओं को नशे की लत में धकेलने का काम भी कर रहे थे। ऐसे संगठित गिरोहों का पर्दाफाश होना समाज के लिए बेहद राहत भरा है।
प्रदेश सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत नशा तस्करी जैसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ की यह सफलता दिखाती है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।
यह कार्रवाई समाज को एक स्पष्ट संदेश देती है कि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सामूहिक प्रयासों से ही एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
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