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हरियाणा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का कार्यान्वयन

हरियाणा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों यानी 2020-21 से 2024-25 के बीच हरियाणा सरकार ने मत्स्य विकास योजनाओं के लिए कुल 760.87 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किए हैं। इसमें से केंद्र सरकार की देनदारी 262.16 करोड़ रुपये है।

योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का समावेश कर इसे लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। योजना के तहत मछली पालन, मछली बीज उत्पादन, शीतल जल मछली फार्मिंग, प्रसंस्करण और विपणन पर जोर दिया जाता है। इसके अलावा छोटे और मध्यम मत्स्यपालकों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनकी आय में वृद्धि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

हरियाणा में योजना का कार्यान्वयन

हरियाणा में PMMSY के तहत मत्स्य विभाग ने विभिन्न परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें मत्स्य फार्मिंग, मछली बीज उत्पादन केंद्र, फ्रीजर और प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से किसानों को वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि मछली पालन में आधुनिक और लाभकारी तकनीकों का उपयोग हो सके।

राज्य में इस योजना के तहत मछली पालन के लिए विशेष रूप से छोटे तालाबों, जलाशयों और अन्य जल स्रोतों का विकास किया जा रहा है। इससे न केवल रोजगार सृजन हो रहा है, बल्कि मछली उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, मत्स्य उत्पादों के विपणन और प्रसंस्करण के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।

वित्तीय पहलू

केंद्रीय और राज्य सरकार के साझेदारी मॉडल के तहत, केंद्र की ओर से 262.16 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। शेष राशि हरियाणा सरकार द्वारा वितरित की गई है। इस निवेश से मत्स्य पालन क्षेत्र में नई परियोजनाओं और तकनीकी उपकरणों की स्थापना में मदद मिली है।

लाभ और प्रभाव

PMMSY के कार्यान्वयन से हरियाणा में मत्स्य पालन क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं:

  1. मछली उत्पादन में वृद्धि और स्थानीय बाजार की पूर्ति।
  2. छोटे और मध्यम किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ।
  3. रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार।
  4. आधुनिक तकनीकों और प्रशिक्षण के माध्यम से सतत विकास।

निष्कर्ष

हरियाणा में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य पालन क्षेत्र में न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है, बल्कि किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए स्थायी रोजगार और आय के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से यह योजना भविष्य में राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


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