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हवाई यात्रा आज के समय में तेज़, सुविधाजनक और आम हो चुकी है, लेकिन लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने, सीमित मूवमेंट और बदलते वातावरण के कारण शरीर और मन पर इसका प्रभाव पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ने हवाई यात्रियों के लिए एक “स्मार्ट योग रूटीन” पेश किया है, जो यात्रा के दौरान फिट और तनावमुक्त रहने में मदद करेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने इस पहल के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि योग न केवल एक व्यायाम पद्धति है, बल्कि यह निवारक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण का एक शक्तिशाली माध्यम है। उनका मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को हर परिस्थिति में सुलभ बनाना आवश्यक है, चाहे वह घर हो, कार्यालय या फिर 35,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता हुआ विमान।

हवाई यात्रा में योग क्यों जरूरी?

लंबी फ्लाइट के दौरान शरीर में अकड़न, ब्लड सर्कुलेशन में कमी, थकान और मानसिक तनाव आम समस्याएं हैं। कई यात्रियों को जेट लैग, पीठ दर्द और सूजन जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में इन-फ्लाइट योग रूटीन शरीर को सक्रिय बनाए रखने और मन को शांत रखने का सरल और प्रभावी उपाय बनकर सामने आता है।

स्मार्ट योग रूटीन की खासियत

आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाया गया यह योग रूटीन विशेष रूप से हवाई यात्रा के माहौल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें ऐसे आसान और सुरक्षित आसनों को शामिल किया गया है, जिन्हें सीट पर बैठे-बैठे या सीमित जगह में किया जा सकता है।

इस रूटीन में शामिल हैं:

यात्रियों के लिए लाभ

इस इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल के कई फायदे हैं:

हर परिस्थिति में योग की पहुंच

यह पहल इस बात को दर्शाती है कि योग केवल योग मैट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जीवन के हर पहलू में अपनाया जा सकता है। आयुष मंत्रालय का यह कदम योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक व्यावहारिक और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

अंततः, यह स्मार्ट योग रूटीन यात्रियों को यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए समय और स्थान की बाधाएं नहीं होनी चाहिए। थोड़े से प्रयास और जागरूकता के साथ, हवाई यात्रा को भी स्वस्थ और सुखद अनुभव में बदला जा सकता है।

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