
सोमवार, 7 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की। पिछले साल दोनों देशों के रिश्तों में आई कड़वाहट के बाद यह बैठक काफ़ी अहम मानी जा रही है, जिसमें कई द्विपक्षीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
इससे पहले, राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू को राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान सम्मानित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे। मुइज़्ज़ू को तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जिसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह मुइज़्ज़ू की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है, जो उन्होंने नवंबर 2023 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद की है। इससे पहले, वह इस वर्ष जून में प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे।
भारत-मालदीव संबंधों में नया मोड़
पिछले साल मालदीव में सत्ता परिवर्तन और कुछ आंतरिक राजनीतिक घटनाओं के कारण दोनों देशों के संबंधों में खटास आई थी। हालांकि, मुइज़्ज़ू के इस भारत दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान रणनीतिक, आर्थिक, और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है।
मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए एक अहम रणनीतिक साझेदार है। इसके साथ-साथ दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, पर्यटन और व्यापारिक संबंध भी काफ़ी गहरे हैं। मुइज़्ज़ू की इस यात्रा से यह संकेत मिलता है कि मालदीव अपने संबंधों को फिर से सामान्य करने और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने के लिए उत्सुक है।
द्विपक्षीय संबंधों पर यात्रा का प्रभाव
मुइज़्ज़ू की इस भारत यात्रा से यह उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच सामरिक सहयोग, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए समझौते हो सकते हैं। विशेष रूप से हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा सकता है।
इसके अलावा, मालदीव के पर्यटन उद्योग में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने के मुद्दे भी प्रमुख होंगे। मुइज़्ज़ू की इस यात्रा से दोनों देशों के व्यापार और निवेश के अवसरों में सुधार की भी उम्मीद है।
रिश्तों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू की इस मुलाकात से यह साफ़ है कि दोनों देश आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर नए सिरे से अपने संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस यात्रा के बाद भारत-मालदीव के बीच सहयोग को नए आयाम मिलने की संभावना है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।