
पुणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने बस यात्रियों को निशाना बनाने वाली 6 महिलाओं की एक संगठित पिकपॉकेट गैंग को गिरफ्तार किया है। यह गैंग बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देती थी और खासतौर पर भीड़भाड़ वाली बसों को अपना निशाना बनाती थी।
बच्चों का इस्तेमाल कर भटकाती थीं ध्यान
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गैंग की महिलाएं छोटे बच्चों का इस्तेमाल करती थीं। ये बच्चे यात्रियों का ध्यान भटकाने के लिए रोने-चिल्लाने या टकराने जैसी हरकतें करते थे। इसी दौरान गैंग की अन्य सदस्य बड़ी सफाई से यात्रियों के पर्स, मोबाइल और कीमती सामान चुरा लेती थीं।
लंबे समय से कर रही थीं वारदात
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले कई महीनों से सक्रिय था और शहर के अलग-अलग बस रूटों पर लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। कई यात्रियों ने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन गैंग की चालाकी के कारण उन्हें पकड़ पाना मुश्किल हो रहा था।
पुलिस ने बिछाया जाल
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर निगरानी शुरू की। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को बसों में तैनात किया गया। आखिरकार एक संदिग्ध गतिविधि के दौरान इस गैंग को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
आरोपियों से बरामद हुआ सामान
गिरफ्तार महिलाओं के पास से चोरी किए गए कई मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गैंग के तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
यात्रियों के लिए चेतावनी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करते समय सतर्क रहें। अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
आगे की कार्रवाई
सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश भी कर रही है।
यह घटना न केवल शहर में बढ़ती चोरी की वारदातों की ओर इशारा करती है, बल्कि यह भी बताती है कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।