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हाईवे और रेलवे परियोजनाओं में तेजी: PRISM-SG पोर्टल का शुभारंभ

भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार नई तकनीकों और डिजिटल समाधानों को अपनाने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए PRISM-SG पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसका उद्देश्य हाईवे और रेलवे परियोजनाओं में सड़क ऊपरी पुलों (ROB – Road Over Bridge) के निर्माण से जुड़ी अनुमोदन और निरीक्षण प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना और उन्हें तेज करना है।

क्या है PRISM-SG पोर्टल?

PRISM-SG (Project Monitoring System for Steel Girders) एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से ROB परियोजनाओं के लिए विकसित किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण कार्य में शामिल विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को एकीकृत किया गया है, जिससे कार्य में पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित हो सके।

किन प्रक्रियाओं का होगा डिजिटलीकरण?

इस पोर्टल में ROB निर्माण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप दिया गया है, जिनमें शामिल हैं:

क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?

पहले इन प्रक्रियाओं में कागजी कार्यवाही अधिक होती थी, जिससे अनुमोदन में देरी और परियोजनाओं की लागत बढ़ने की समस्या सामने आती थी। PRISM-SG पोर्टल के लागू होने से:

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

हाईवे और रेलवे नेटवर्क देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ माने जाते हैं। ROB जैसे पुल सड़क और रेल यातायात के बीच टकराव को कम करते हैं और यातायात को सुगम बनाते हैं। PRISM-SG पोर्टल के माध्यम से इन परियोजनाओं में आने वाली देरी को कम किया जा सकेगा, जिससे देशभर में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम

यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूत करती है। सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से न केवल कार्य में पारदर्शिता आती है, बल्कि आम जनता को भी बेहतर और तेज सेवाएं मिलती हैं।

निष्कर्ष

PRISM-SG पोर्टल का लॉन्च भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे ROB परियोजनाओं के अनुमोदन और निरीक्षण की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। आने वाले समय में यह पोर्टल देश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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